मुख्तार अंसारी कानपुर में भी अपनी पैठ बनाने के लिए प्रयासरत रहा। इसके लिए उसने रिश्ते में लगने वाले भांजे क्राइस्ट चर्च डिग्री कालेज के अध्यक्ष रहे मोहम्मद ताहिर को मोहरा बनाया। इसके जरिए वह कानपुर और आसपास के जिलों में अपना नेटवर्क तैयार कर अपनी गतिविधियां तेज करना चाहता था। उस दौरान मुख्तार अंसारी के गैंग के लोगों का शहर में खूब आना-जाना हुआ था। लेकिन पुलिस ने एक मुठभेड़ में गैंग के चार लोगों को गिरफ्तार कर इरादे धराशायी कर दिए थे।
कर्नलगंज इलाके में स्थित लाल इमली चौराहे के पास से 13 अक्तूबर 2002 को मुठभेड़ में वाराणसी के माफिया अभय सिंह, उसके साले जौनपुर निवासी संदीप सिंह, चकेरी में रहने वाले क्राइस्ट चर्च डिग्री कालेज के अध्यक्ष व युवक कांग्रेस के शहर अध्यक्ष रहे मोहम्मद ताहिर, महाराजगंज फैजाबाद के विनोद सिंह को गिरफ्तार किया था। इनके पास से तीन पिस्तौल, टेलीस्कोपिक रायफल व काफी मात्रा कारतूस बरामद किए थे।
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