पाकिस्तानी क्रिकेटरों के लिए विदेशी लीगों में खेलने की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। आईपीएल में पहले ही पाकिस्तानियों को खेलने की अनुमति नहीं है और अब उनके सामने इंग्लैंड में खेली जाने वाली ‘द हंड्रेड’ लीग में शामिल होने का खतरा भी मंडराने लगा है।
क्यों हो सकता है पाकिस्तानियों का बहिष्कार
इंग्लैंड की इस लीग में खेलने वाली कई टीमों का मालिकाना हक आईपीएल फ्रेंचाइजी के पास है।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आईपीएल फ्रेंचाइजी वाली टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर विचार नहीं कर सकतीं।
इस कारण पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए अवसर सीमित हो सकता है।
खिलाड़ियों की सैलरी और अवसर
द हंड्रेड का आगामी सीजन 21 जुलाई से 16 अगस्त 2026 के बीच खेला जाएगा।
इस बार खिलाड़ियों की सैलरी बढ़ने का अनुमान है, लेकिन पाकिस्तानी खिलाड़ियों को इसका फायदा मिलने की संभावना कम है।
पाकिस्तानियों में दिलचस्पी सीमित
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानियों में दिलचस्पी केवल उन टीमों तक सीमित होगी जिनका आईपीएल से कोई लेना-देना नहीं है।
ईसीबी प्रवक्ता ने कहा कि टूर्नामेंट में सभी देशों के पुरुष और महिला खिलाड़ियों का स्वागत है और सभी 8 टीमों को इसे सुनिश्चित करना चाहिए।
टूर्नामेंट की भागीदारी
पिछले साल ईसीबी के मुख्य कार्यकारी रिचर्ड गोल्ड ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि द हंड्रेड में सभी टीमों के लिए सभी देशों के खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा।
इस बार के लिए लगभग 1000 खिलाड़ी, 18 देशों से रजिस्टर हुए हैं।
Sarvahit Media 