गांव अभयपुर बहलोलपुर निवासी 22 मंजेश यादव पुत्र अमर सिंह अलीगढ़ में एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर का कार्य करते थे। 8 फरवरी की सुबह वह अस्पताल नहीं पहुंचे, तो स्टाफ के ही एक कर्मचारी ने उन्हें कॉल किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला।
इस पर वह कर्मचारी कमरे पर बुलाने पहुंचा, तो वहां मंजेश का शव पड़ा था। स्टाफ की ओर से खबर मिलने पर परिवार वाले मौके पर पहुंच गए। कानूनी कार्रवाई किए बिना ही वह शव को अपने गांव ले गए, जहां देर शाम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मंजेश तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी मौत से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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