करीब चार साल से पेट की बीमारी से जूझ रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रवीण बाजपेई (40) ने तनाव में आकर नौबस्ता के यशोदानगर स्थित घर में फंदे से लटककर जान दे दी। प्रवीण कई देशों में नौकरी कर चुके हैं। बीमारी के चलते चार साल पहले ही अमेरिका से लौटे थे।
मूलरूप से जिला उन्नाव के भगवंतनगर के पतारी गांव निवासी योगेंद्र बाजपेई एक महाविद्यालय के सेवानिवृत कर्मचारी हैं। वे परिवार के साथ यशोदानगर एच ब्लॉक में रहते हैं। उनके बेटे प्रवीण बाजपेई (40) अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। परिजनों ने बताया कि इससे पहले प्रवीण अफ्रीका, रंगून आदि देशों में नौकरी कर चुके थे। पेट की बीमारी के चलते शहर लौट आए थे। तब से यहीं माता-पिता और बड़े भाई प्रणय बाजपेई के साथ रहते थे। परिजनों ने बताया कि बीमारी के कारण वह अवसाद में रहने लगे थे।
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