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5. अमेरिका-बांग्लादेश डील: कपड़ा निर्यातकों के लिए टैरिफ में कमी का तोहफा

अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए नए व्यापार समझौते के बाद बांग्लादेश से अमेरिका भेजे जाने वाले सामान पर लगने वाला टैरिफ घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है। इस समझौते के तहत एक अहम प्रावधान यह भी है कि यदि बांग्लादेश में कपड़े अमेरिका में बने कच्चे माल से तैयार किए जाते हैं, तो ऐसे उत्पादों को अमेरिका में बिना किसी आयात शुल्क के प्रवेश मिलेगा।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमेरिका इस बात पर सहमत हो गया है कि कुछ बांग्लादेशी कपड़ा उत्पादों को टैक्स फ्री एंट्री दी जाए। उन्होंने इसे देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए अहम कदम बताया।

लंबी बातचीत के बाद मिली राहत

यह टैरिफ कटौती दोनों देशों के बीच करीब नौ महीने तक चली बातचीत का नतीजा है। शुरुआत में अमेरिका ने बांग्लादेश से आने वाले सामान पर 37 प्रतिशत तक टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा था। बाद में इसे घटाकर 20 प्रतिशत किया गया और अब नई डील के तहत टैरिफ को 19 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है।

मोहम्मद यूनुस ने कहा कि यह फैसला नौकरियों को सुरक्षित रखने और वैश्विक कपड़ा बाजार में बांग्लादेश की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत करने में मदद करेगा।

समझौते पर किन अधिकारियों ने किए हस्ताक्षर

सरकारी जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश की ओर से वाणिज्य सलाहकार शेख बशीर उद्दीन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। अमेरिका की तरफ से यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव एंबेसडर जेमीसन ग्रीर ने दस्तावेज पर साइन किए।

अमेरिकी पक्ष ने बांग्लादेश की टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करेगा। इसके साथ ही गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर भी मिलकर काम करने पर सहमति बनी है।

कपड़ा उद्योग को क्यों है बड़ी राहत

बांग्लादेश का रेडीमेड गारमेंट सेक्टर उसकी अर्थव्यवस्था का सबसे अहम आधार है। देश की कुल निर्यात आय का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इसी उद्योग से आता है। इस सेक्टर में करीब 40 लाख लोग काम करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की है। यह उद्योग बांग्लादेश की जीडीपी में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान देता है।

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि कम टैरिफ से बांग्लादेशी फैक्ट्रियों को अमेरिकी बाजार में बने रहने में मदद मिलेगी। हाल के वर्षों में उत्पादन लागत बढ़ने, ऊर्जा महंगी होने और विदेशी नियमों के सख्त होने से यह सेक्टर दबाव में था।

चुनावी माहौल के बीच आया समझौता

यह समझौता ऐसे समय पर हुआ है, जब बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। देश में जल्द चुनाव होने हैं और अगस्त 2024 से अंतरिम सरकार कार्यरत है। चुनाव से पहले सरकार आर्थिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय भरोसे का संदेश देना चाहती है, जिसमें व्यापार नीति को अहम माना जा रहा है।

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